उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ मेले के दौरान लगभग तीन सौ किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित हुई। यह जाम मुख्य रूप से मध्य प्रदेश से होकर जाने वाले मार्गों पर पड़ा, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को कई जिलों में यातायात रोकना पड़ा। इस फैसले के कारण हजारों यात्री घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे।
सरकार की तैयारियां और भीड़ का असर
महाकुंभ दो हजार पच्चीस के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया था, जिसमें मुख्य स्नान पर्वों के दौरान मेले क्षेत्र के आसपास नो-व्हीकल ज़ोन बनाने की योजना थी। लेकिन अभूतपूर्व संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मौजूदा व्यवस्था चरमरा गई, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया।
मध्य प्रदेश में भी लगा असर
ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने कई जिलों में वाहनों को रोक दिया, ताकि आगे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, इस कदम से कई यात्री घंटों तक रास्ते में फंसे रहे, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गईं।
दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन
तेरह जनवरी से छब्बीस फरवरी दो हजार पच्चीस तक चलने वाले महाकुंभ मेले में लगभग चार सौ मिलियन (चालीस करोड़) श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बन गया है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
प्रशासन की निगरानी और सुधार के प्रयास
यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और प्रयास कर रहा है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।